Important Msg For All Indian People Crona virus COVID-19 alert अपना कर्तव्य निभाएं। अपनी जान बचाए।


अत्यंत दुख के साथ यह मैसेज लिख रहा हूं और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं विनती करता हूं कि ऐसा किसी के साथ ना हो यदि आपका परिवारजन या बेटा बेटी कोरोना से पॉजिटिव आता है तो उसे प्रशासन उठा कर ले जाएगा। उसे अलग थलग कर देगा। उससे आपको या किसी को भी मिलने नहीं दिया जाएगा। आप उसकी देखभाल
करने का हक भी खो देंगे। अगर वो ठीक हो गया तो कोई बात नहीं लेकिन यदि ठीक नहीं हुआ तो आप उसे जीवन में कभी देख नहीं पाएंगे। यहां तक कि आपको उसके अंतिम संस्कार का मौका भी नहीं दिया जाएगा। आपको सिर्फ सूचित कर दिया जाएगा कि आपका अपना मर चुका है। प्रशासन खुद उसका क्रियाकर्म कर के आपको सूचित कर देगा। क्या आप चाहते हैं आपके अपनों के साथ ऐसा हो। आपके बेटे बेटी मा बाप या पति पत्नी या मित्र के साथ ऐसा हो। यदि हां तो फिर खुल कर भीड़ जमाएं एवं सरकार के सराहनीय एवं मजबूत क़दमों की धज्जियां बीखेरिए जैसे की २२ तारीख को शाम मे कुछ मूर्खों ने की। और यदि आप ऐसा नहीं चाहते तो भीड़ में ना जाएं सरकार के निर्देशों का पालन करें। अपने एवं अपने परिवारजनों के बहुमूल्य जीवन की रक्षा खुद करें। 
अपना कर्तव्य निभाएं। अपनी जान बचाए।
परमात्मा से प्रार्थना है कि आप सपरिवार...
घर पर रहें! 
जीवित रहें!!
प्रसन्नचित्त रहें!!!
अगर उपरोक्त मैसेज से किसी के दिल को ठेस लगी हो तो मैं हाथ 🙏🙏🙏जोड़कर क्षमा मांगता हूं मुझे माफ करना।

भारत  में  3 से 4 करोड़ लोगों की अकाल मृत्यु की ओर जा रहे हैं??
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(देश के कुछ वरिष्ठ डॉक्टरों और बुद्धिजीवियों का विश्लेषण)

जाहिलाना हरकतों की खबर पूरे भारत से मिल रही है। लोग सिगरेट,शराब, पुड़िया, बाहर देखने के लिए भी अभी तक सड़कों पर निकल रहें हैं।

कुछ लोग गलियों में बाइक रेस लगा रहे हैं, 
जहाँ अंदर पुलिस नहीं है। कुछ सोसाइटी में कैरम बोर्ड खेल रहे हैं।

सोसाइटी के अंदर सारे बच्चे खेल रहे हैं। रोको, तो उनके माँ-बाप झगड़ने को आते हैं। 

घर के बाहर बैठकर सड़कों और आते जाते लोगों को देख रहें हैं।

राशन के नाम पर दिन में घर के सारे लोग निकल रहे हैं, किसी को अंकल चिप्स चाहिए

कोई भुजिया लेने निकला है कोई रात को शराब के साथ खाने वास्ते मूंगफली, काजू लेने वास्ते राशन लेने निकले का बहाना बना रहे हैं

बच्चों को आइस क्रीम खाने के लिए घर से बाहर जाने दे रहें हैं

बोलो तो लॉजिक देंगे, नीचे ही दुकान है।

एक तो गजब की निकली, बोली - घर में घुटकर मर जाये क्या ! मरना होगा तो घर में भी मर जायेंगे?

मतलब आपने कोरोना के प्रहार और ताकत तथा मोदी की अपील और लॉक डाउन का मतलब ही नहीं समझा है!!

The feed back coming..
A country like INDIA will require ..."2 Months lockdown minimum"....., if public will not lock down completely.

अगर कोरोना की बात करें तो इसकी वैश्विक मृत्यु दर अभी लगभग 3 से 4 प्रतिशत है। इटली जैसे देशों में यह भयावह रूप से 10% तक पहुंच गई है।
क्या हम भारत जैसे 130 करोड़ के देश में 3 या 4 प्रतिशत जनता के मर जाने की कल्पना कर सकते हैं? यानी 3 से 4 करोड़ लोगों की अकाल मृत्यु !!
क्या अमेरिका अपने 3% नागरिक भी खो सकता है जो संख्या में 30 लाख से भी अधिक होंगे?

कोरोना के फैलने की रफ़्तार भी Exponential है।
अर्थात अगर 100 से 10,000 मरीज होने में 100 दिन लगे। ......तो दस हजार से एक लाख मरीज होने में अगले 10 दिन मात्र लगे......और एक लाख से दस लाख मरीज मात्र 24 घण्टे में।
शुरुआती 8 हजार मौतें होने में 100 दिन लगे, ......तो वहीं पिछली 8 हजार मौतें सिर्फ 10 दिन में हुईं हैं।...... अगर मुझपर शक हो, तो स्वयं आंकड़ें उठा कर देख लीजिए।
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बड़बोले ट्रंप पूरे फरवरी माह डींग हाँकते रहे कि अमेरिकी दुनिया में सर्वश्रेष्ठ हैं, .....उनके यहां दस मरीज भी नहीं मिले हैं।..... सच भी यही है कि अमेरिका में पहली मौत फरवरी के अंत में हुई, ......और आज मार्च में मरीजों की संख्या 50,000 के पार है, लगभग डेढ़ प्रतिशत की मृत्यु दर के साथ।

संदेश यहां स्पष्ट है। ... रोगों और हमारा सहअस्तित्व सृष्टि की शुरुआत से ही है और आगे भी बना रहेगा। ...हम प्राकृतिक आपदाओं को टाल नहीं सकते, ....बस बुद्धिमानी से,... दूरदर्शिता दिखा कर, ...होने वाले नुकसान को कम अवश्य कर सकते हैं,.... और इसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका हमारा नेतृत्व निभाता है।

भारत की सरकार ने अफरातफरी में ही सही,..... पर सही समय पर.... प्रतिबंधों को लगाने का निर्णय लिया है।.... मैं आप सभी को आगाह करना चाहता हूँ कि..... अगर कोरोना का प्रकोप यूँ ही बढ़ा.... तो यह वैश्विक इतिहास की सबसे बड़ी महामारी साबित हो जाए,..... इसमें मुझे कोई संदेह नहीं। ये फिर 1 या 2 हज़ार नहीं बल्कि हर देश में लाखों को मारेगा....
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यह परीक्षा का समय है, इसमें हार की गुंजाइश बिल्कुल नहीं।

"घर पर रहिए, सुरक्षित रहिये।"

दो दिनों में अगर देश ने घरों में रहना स्वीकार नहीं किया,.... तो 45 सालों बाद फिर देश में "इमरजेंसी" लगाने का ही रास्ता बचेगा।

"घर के अंदर" .... का मतलब ... "सिर्फ घर के अंदर ही रहना होता है।
 Coronavirus disease spreads primarily through contact with an infected person when they cough or sneeze. It also spreads when a person touches a surface or object that has the virus on it, then touches their eyes, nose, or mouth.

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